लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है

Livebharatsamachar ब्यूरो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे 'देशद्रोह' की संज्ञा दी है। मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित आंतरिक कलह की खबरों के बाद राहुल गांधी ने 'वोट चोरी' का आरोप लगाकर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

आंतरिक मतभेद की खबरों पर कांग्रेस का रुख

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के भीतर उच्च स्तर पर मतभेद चल रहे हैं, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठ रहे ये सवाल लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले की तत्काल संसदीय समीक्षा की मांग की है।

चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज

विपक्ष के इन तीखे हमलों के जवाब में चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी दावों को निराधार बताया है। आयोग का कहना है कि संस्था के भीतर किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है और सभी निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रक्रियाएं संवैधानिक नियमों, कानूनी प्रोटोकॉल और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पूर्ण अनुपालन में संचालित की जा रही हैं। आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।

प्रमुख बिंदु

राजनीतिक गलियारों में इस बयानबाजी के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के हमले लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रहे हैं, या फिर यह विपक्ष का एक वैध सवाल है। फिलहाल, चुनाव आयोग ने अपनी स्पष्टीकरण के साथ मामले को शांत करने का प्रयास किया है, लेकिन कांग्रेस का आक्रामक रुख जारी रहने के संकेत हैं।

बुधवार, 23 सितम्बर , 2026

राहुल गांधी का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला, ‘वोट चोरी’ और ‘देशद्रोह’ के आरोपों से गरमाई सियासत

Livebharatsamachar ब्यूरो: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे ‘देशद्रोह’ की संज्ञा दी है। मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान सामने आई कथित आंतरिक कलह की खबरों के बाद राहुल गांधी ने ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर देश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

आंतरिक मतभेद की खबरों पर कांग्रेस का रुख

हालिया मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चुनाव आयोग के भीतर उच्च स्तर पर मतभेद चल रहे हैं, जिसके बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर उठ रहे ये सवाल लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी इस मामले की तत्काल संसदीय समीक्षा की मांग की है।

चुनाव आयोग ने आरोपों को किया खारिज

विपक्ष के इन तीखे हमलों के जवाब में चुनाव आयोग ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सभी दावों को निराधार बताया है। आयोग का कहना है कि संस्था के भीतर किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं है और सभी निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जा रहे हैं।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रक्रियाएं संवैधानिक नियमों, कानूनी प्रोटोकॉल और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के पूर्ण अनुपालन में संचालित की जा रही हैं। आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है।

प्रमुख बिंदु

  • राहुल गांधी ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर ‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप लगाया।
  • कांग्रेस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संसदीय जांच की मांग की है।
  • चुनाव आयोग ने आंतरिक कलह की खबरों को सिरे से खारिज किया।
  • आयोग ने जोर देकर कहा कि सभी निर्णय सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के तहत लिए गए हैं।

राजनीतिक गलियारों में इस बयानबाजी के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या संवैधानिक संस्थाओं पर इस तरह के हमले लोकतंत्र की नींव को कमजोर कर रहे हैं, या फिर यह विपक्ष का एक वैध सवाल है। फिलहाल, चुनाव आयोग ने अपनी स्पष्टीकरण के साथ मामले को शांत करने का प्रयास किया है, लेकिन कांग्रेस का आक्रामक रुख जारी रहने के संकेत हैं।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *