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Livebharatsamachar: देश के पहले गृह मंत्री और 'लोह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया स्थित 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' पर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर पूरा देश सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान और रियासतों के एकीकरण के ऐतिहासिक प्रयासों को याद कर रहा है।

मुख्य बिंदु एवं हाइलाइट्स (Key Highlights)

विस्तृत समाचार एवं पूरा घटनाक्रम (Detailed Report)

भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम अखंड भारत के शिल्पकार के रूप में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज उनकी 151वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर देश भर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य राष्ट्रीय समारोह गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह-सुबह समाधि स्थल पर पहुंचकर सरदार पटेल को नमन किया और वहां मौजूद विशाल प्रतिमा के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान उनके साथ कई गणमान्य अतिथि और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस राष्ट्रीय पर्व पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सरदार पटेल की जयंती को साल 2014 से 'राष्ट्रीय एकता दिवस' के रूप में मनाया जाता है। अंग्रेजों के जाने के बाद 550 से अधिक रियासतों में बंटे भारत को एक सूत्र में पिरोने का असंभव कार्य केवल सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति, राजनीतिक कौशल और कूटनीति के कारण ही संभव हो पाया था। आज के इस विशेष दिन पर देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संदेश देने के लिए हर साल 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन का आयोजन किया जाता है, जिसमें युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों समेत समाज के हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस वर्ष भी देश के कोने-कोने में दौड़ का आयोजन किया गया है, जो देशवासियों में देशभक्ति और एकता की अटूट भावना को प्रदर्शित करता है।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भी अपने-अपने स्तर पर सरदार पटेल को याद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी #NationalUnityDay और #SardarPatel जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग लोह पुरुष के विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहे हैं। गृह मंत्रालय और अन्य केंद्रीय विभागों द्वारा विशेष कार्यक्रमों के जरिए सरदार पटेल के जीवन दर्शन और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।

देश की एकता और अखंडता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस मजबूत और एकजुट भारत का सपना देखा था, उसे बनाए रखना और देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है। - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भविष्य का असर एवं निष्कर्ष (Future Impact & Conclusion)

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती का यह अवसर केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय के लिए अपने देश की संप्रभुता, अखंडता और भाईचारे को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेने का दिन है। जिस प्रकार सरदार पटेल ने विपरीत परिस्थितियों में भी बिखरे हुए राष्ट्र को एक मजबूत और संगठित भारत के रूप में गढ़ा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक प्रकाश पुंज रहेगा। आधुनिक भारत के समक्ष आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए राष्ट्रीय एकता की यह भावना सबसे प्रभावी अस्त्र है। आज के इन आयोजनों से देश के युवाओं में राष्ट्रप्रेम की अलख जागती है और वे एक सशक्त, आत्मनिर्भर तथा सुरक्षित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं।

शनिवार, 31 अक्टूबर , 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टैचू ऑफ यूनिटी पर सरदार पटेल को दी श्रद्धांजलि, 151वीं जयंती पर देश ने किया याद

Livebharatsamachar: देश के पहले गृह मंत्री और ‘लोह पुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया स्थित ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ पर जाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर पूरा देश सरदार पटेल के राष्ट्र निर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान और रियासतों के एकीकरण के ऐतिहासिक प्रयासों को याद कर रहा है।

मुख्य बिंदु एवं हाइलाइट्स (Key Highlights)

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवडिया में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैचू ऑफ यूनिटी’ पर पुष्पांजलि अर्पित की।
  • देशभर में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ (National Unity Day) के रूप में यह पावन दिन मनाया जा रहा है।
  • राजधानी दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में ‘रन फॉर यूनिटी’ (Run for Unity) का आयोजन किया गया है।
  • सुरक्षा बलों और विभिन्न संस्थानों द्वारा राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई गई और भव्य परेड का आयोजन हुआ।

विस्तृत समाचार एवं पूरा घटनाक्रम (Detailed Report)

भारत के राजनीतिक इतिहास में सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम अखंड भारत के शिल्पकार के रूप में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। आज उनकी 151वीं जयंती के ऐतिहासिक अवसर पर देश भर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्य राष्ट्रीय समारोह गुजरात के नर्मदा जिले में स्थित स्टैचू ऑफ यूनिटी परिसर में आयोजित हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह-सुबह समाधि स्थल पर पहुंचकर सरदार पटेल को नमन किया और वहां मौजूद विशाल प्रतिमा के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस दौरान उनके साथ कई गणमान्य अतिथि और अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस राष्ट्रीय पर्व पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

सरदार पटेल की जयंती को साल 2014 से ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाया जाता है। अंग्रेजों के जाने के बाद 550 से अधिक रियासतों में बंटे भारत को एक सूत्र में पिरोने का असंभव कार्य केवल सरदार पटेल की दृढ़ इच्छाशक्ति, राजनीतिक कौशल और कूटनीति के कारण ही संभव हो पाया था। आज के इस विशेष दिन पर देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का संदेश देने के लिए हर साल ‘रन फॉर यूनिटी’ मैराथन का आयोजन किया जाता है, जिसमें युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों समेत समाज के हर वर्ग के लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। इस वर्ष भी देश के कोने-कोने में दौड़ का आयोजन किया गया है, जो देशवासियों में देशभक्ति और एकता की अटूट भावना को प्रदर्शित करता है।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भी अपने-अपने स्तर पर सरदार पटेल को याद किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी #NationalUnityDay और #SardarPatel जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं, जहां लोग लोह पुरुष के विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलने का संकल्प ले रहे हैं। गृह मंत्रालय और अन्य केंद्रीय विभागों द्वारा विशेष कार्यक्रमों के जरिए सरदार पटेल के जीवन दर्शन और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।

देश की एकता और अखंडता हमारी सबसे बड़ी ताकत है। सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस मजबूत और एकजुट भारत का सपना देखा था, उसे बनाए रखना और देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना हम सबका सामूहिक कर्तव्य है। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भविष्य का असर एवं निष्कर्ष (Future Impact & Conclusion)

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती का यह अवसर केवल एक औपचारिक श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर भारतीय के लिए अपने देश की संप्रभुता, अखंडता और भाईचारे को सर्वोपरि रखने का संकल्प लेने का दिन है। जिस प्रकार सरदार पटेल ने विपरीत परिस्थितियों में भी बिखरे हुए राष्ट्र को एक मजबूत और संगठित भारत के रूप में गढ़ा, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा एक मार्गदर्शक प्रकाश पुंज रहेगा। आधुनिक भारत के समक्ष आंतरिक और बाहरी चुनौतियों का सामना करने के लिए राष्ट्रीय एकता की यह भावना सबसे प्रभावी अस्त्र है। आज के इन आयोजनों से देश के युवाओं में राष्ट्रप्रेम की अलख जागती है और वे एक सशक्त, आत्मनिर्भर तथा सुरक्षित भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित होते हैं।

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