₹200 करोड़ से अधिक की लागत से बने उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अत्याधुनिक मुख्यालय का लोकार्पण

लखनऊ से राष्ट्रीय संदेश: आधुनिक तकनीक, त्वरित चेतावनी प्रणाली और प्रशिक्षित बलों के दम पर आपदा प्रबंधन में नया अध्याय; SDRF, PAC व अग्निशमन सेवा के आठ वीर कार्मिक सम्मानित

लखनऊ, 20 जुलाई। उत्तर प्रदेश ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नई और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए राजधानी लखनऊ में ₹200 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के अत्याधुनिक मुख्यालय भवन का लोकार्पण किया। यह नया मुख्यालय प्रदेश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक वैज्ञानिक, तकनीक-आधारित और त्वरित बनाने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।

इस अवसर पर UPSDMA की नई आधिकारिक वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया, जिसके माध्यम से आपदा संबंधी सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, पूर्व चेतावनी प्रणाली, राहत एवं बचाव अभियानों की निगरानी तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदेश की आपदा प्रबंधन क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देगा।

वीर जवानों का सम्मान, सेवा और साहस को मिला राष्ट्रीय गौरव

समारोह के दौरान SDRF, PAC तथा अग्निशमन सेवा के उन आठ बहादुर कार्मिकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने विभिन्न आपदाओं के दौरान अदम्य साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अनेक लोगों की जान बचाई। राज्य सरकार ने उनके योगदान को आपदा प्रबंधन तंत्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया।

मुख्यमंत्री का विजन: “हर नागरिक बने आपदा से लड़ने में सक्षम”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को ऐसा सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर राज्य बनाया जा रहा है, जहाँ किसी भी प्राकृतिक अथवा मानवजनित आपदा की स्थिति में केवल सरकारी एजेंसियाँ ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक भी जागरूक, प्रशिक्षित और अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार हो।
उन्होंने कहा कि सरकार आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चेतावनी प्रणाली तथा जनभागीदारी के माध्यम से प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को देश के सर्वश्रेष्ठ मॉडलों में शामिल करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
आपदा प्रबंधन को मिलेगी नई रफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए मुख्यालय के संचालन से आपदा पूर्व तैयारी (Preparedness), प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System), राहत एवं बचाव अभियान (Response System) तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पहले से कहीं अधिक प्रभावी होगा। इससे संकट की घड़ी में राहत कार्यों की गति, पारदर्शिता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा प्रभावित लोगों तक सहायता कम समय में पहुँचाई जा सकेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि सुरक्षित और आपदा-सक्षम उत्तर प्रदेश का निर्माण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य
उत्तर प्रदेश का यह नया आपदा प्रबंधन मुख्यालय केवल एक प्रशासनिक भवन नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विकसित किया गया एक आधुनिक कमांड एवं कंट्रोल सेंटर है। डिजिटल तकनीक, प्रशिक्षित मानव संसाधन, त्वरित निर्णय क्षमता और समन्वित कार्यप्रणाली के माध्यम से यह केंद्र राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पहल देश के अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर सकती है।
रिपोर्ट ब्यूरो लखनऊ|लाइव भारत समाचार