लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है   ₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया लेखपाल, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई से प्रशासन में मचा हड़कंप [video width="848" height="478" mp4="https://livebharatsamachar.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260722-WA0011-1.mp4"][/video] संतकबीरनगर के धनघटा तहसील में ट्रैप ऑपरेशन सफल, शिकायतकर्ता की सूचना पर हुई कार्रवाई; महुली थाने में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू बस्ती/संतकबीरनगर, 22 जुलाई। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने संतकबीरनगर जनपद की धनघटा तहसील में तैनात एक लेखपाल को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में अधिकारी एवं स्थानीय लोग एकत्र हो गए। भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बस्ती मंडल के अनुसार शिकायतकर्ता ग्राम जिगिना निवासी किशुनदेव ने आरोप लगाया था कि धनघटा तहसील क्षेत्र के तत्कालीन चकबंदी लेखपाल अभय कुमार सिंह (मूल निवासी ग्राम कोटा, थाना गगहा, जनपद गोरखपुर) राजस्व संबंधी कार्य के बदले ₹10,000 की रिश्वत की मांग कर रहे थे। शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को टीम ने दो स्वतंत्र लोकसेवक गवाहों की उपस्थिति में जाल बिछाकर आरोपी लेखपाल को रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। मामले में महुली थाना, जनपद संतकबीरनगर में अभियोग पंजीकृत कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति को मिला बल विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी सेवाओं में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की ट्रैप कार्रवाई प्रभावी साबित होती है। इससे सरकारी कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ती है तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है। प्रमुख बिंदु धनघटा तहसील के तत्कालीन चकबंदी लेखपाल को ट्रैप में गिरफ्तार किया गया। शिकायतकर्ता की सूचना पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने सत्यापन कराया। ₹10,000 की रिश्वत लेते समय आरोपी रंगे हाथ पकड़ा गया। कार्रवाई दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में की गई। महुली थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू। रिपोर्ट ब्यूरो संतकबीरनगर|लाइव भारत समाचार 
बुधवार, 22 जुलाई , 2026

रिश्वतखोरी पर बड़ी चोट: संतकबीरनगर में एंटी करप्शन की कार्रवाई, ₹10 हजार लेते लेखपाल गिरफ्तार

 

₹10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोचा गया लेखपाल, भ्रष्टाचार निवारण संगठन की कार्रवाई से प्रशासन में मचा हड़कंप

संतकबीरनगर के धनघटा तहसील में ट्रैप ऑपरेशन सफल, शिकायतकर्ता की सूचना पर हुई कार्रवाई; महुली थाने में मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू

बस्ती/संतकबीरनगर, 22 जुलाई।

उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की टीम ने संतकबीरनगर जनपद की धनघटा तहसील में तैनात एक लेखपाल को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में अधिकारी एवं स्थानीय लोग एकत्र हो गए।

भ्रष्टाचार निवारण संगठन, बस्ती मंडल के अनुसार शिकायतकर्ता ग्राम जिगिना निवासी किशुनदेव ने आरोप लगाया था कि धनघटा तहसील क्षेत्र के तत्कालीन चकबंदी लेखपाल अभय कुमार सिंह (मूल निवासी ग्राम कोटा, थाना गगहा, जनपद गोरखपुर) राजस्व संबंधी कार्य के बदले ₹10,000 की रिश्वत की मांग कर रहे थे।

शिकायत की प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने विधिक प्रक्रिया पूरी करते हुए ट्रैप की योजना बनाई। बुधवार को टीम ने दो स्वतंत्र लोकसेवक गवाहों की उपस्थिति में जाल बिछाकर आरोपी लेखपाल को रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जा रही है। मामले में महुली थाना, जनपद संतकबीरनगर में अभियोग पंजीकृत कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीति को मिला बल

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी सेवाओं में रिश्वतखोरी पर अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार की ट्रैप कार्रवाई प्रभावी साबित होती है। इससे सरकारी कर्मचारियों में जवाबदेही बढ़ती है तथा आम नागरिकों का कानून व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है।

प्रमुख बिंदु

धनघटा तहसील के तत्कालीन चकबंदी लेखपाल को ट्रैप में गिरफ्तार किया गया।

शिकायतकर्ता की सूचना पर भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने सत्यापन कराया।

₹10,000 की रिश्वत लेते समय आरोपी रंगे हाथ पकड़ा गया।

कार्रवाई दो स्वतंत्र सरकारी गवाहों की मौजूदगी में की गई।

महुली थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू।

रिपोर्ट ब्यूरो संतकबीरनगर|लाइव भारत समाचार 

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