लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है जिलाधिकारी कार्यालय पर गरजे सपाई, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जौहर विश्वविद्यालय का ध्वस्तीकरण रोकने की उठी मांग [video width="568" height="320" mp4="https://livebharatsamachar.com/wp-content/uploads/2026/07/Video.Guru_20260724_155609847.mp4"][/video] राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, तीन विधायकों समेत बड़ी संख्या में सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन बस्ती, 24 जुलाई। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के तीन विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा की पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सरकार विरोधी नारों से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ समाजवादी नेताओं ने किया। इस दौरान विधायक कपिलेंद्र चौधरी, विधायक राजेंद्र चौधरी, राजा राम यादव (पूर्व जिला अध्यक्ष) तथा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गीता भारती सहित अनेक नेताओं ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। सपा नेताओं ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है। यदि किसी प्रकार की जांच आवश्यक है तो वह कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के लिए उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार जवाब देने में विफल रही है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। प्रदर्शन के उपरांत समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने तथा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सहित अन्य जनहित के मुद्दों पर कार्रवाई का अनुरोध किया गया। प्रमुख बिंदु जिलाधिकारी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन। तीन विधायकों समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी। विधायक कपिलेंद्र चौधरी, विधायक राजेंद्र चौधरी, राजा राम यादव (पूर्व जिला अध्यक्ष) और गीता भारती (महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष) रहीं प्रमुख रूप से मौजूद। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग। मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग। राज्यपाल के नाम प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, पुलिस बल रहा तैनात। रिपोर्ट ब्यूरो बस्ती| लाइव भारत समाचार 
शनिवार, 25 जुलाई , 2026

डीएम कार्यालय पर गरजे सपाई, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

जिलाधिकारी कार्यालय पर गरजे सपाई, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और जौहर विश्वविद्यालय का ध्वस्तीकरण रोकने की उठी मांग

राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन, तीन विधायकों समेत बड़ी संख्या में सपा नेताओं व कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन

बस्ती, 24 जुलाई। समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पार्टी के तीन विधायक, पूर्व जिला अध्यक्ष, महिला मोर्चा की पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सरकार विरोधी नारों से जिलाधिकारी कार्यालय परिसर गूंज उठा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर तत्काल रोक तथा लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग करते हुए राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।

प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ समाजवादी नेताओं ने किया। इस दौरान विधायक कपिलेंद्र चौधरी, विधायक राजेंद्र चौधरी, राजा राम यादव (पूर्व जिला अध्यक्ष) तथा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष गीता भारती सहित अनेक नेताओं ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है।

सपा नेताओं ने कहा कि मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है। यदि किसी प्रकार की जांच आवश्यक है तो वह कानून के दायरे में होनी चाहिए, लेकिन विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य के लिए उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि इस कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।

प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार जवाब देने में विफल रही है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

प्रदर्शन के उपरांत समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने, लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करने तथा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग सहित अन्य जनहित के मुद्दों पर कार्रवाई का अनुरोध किया गया।

प्रमुख बिंदु

जिलाधिकारी कार्यालय पर समाजवादी पार्टी का जोरदार प्रदर्शन।

तीन विधायकों समेत बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं की भागीदारी।

विधायक कपिलेंद्र चौधरी, विधायक राजेंद्र चौधरी, राजा राम यादव (पूर्व जिला अध्यक्ष) और गीता भारती (महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष) रहीं प्रमुख रूप से मौजूद।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।

मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने की मांग।

राज्यपाल के नाम प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन।

सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी, पुलिस बल रहा तैनात।

रिपोर्ट ब्यूरो बस्ती| लाइव भारत समाचार 

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