ब्रज में भक्ति, संस्कृति और विकास का संगम: स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह समेत 1051 करोड़ की 229 परियोजनाओं का लोकार्पण
मथुरा/लखनऊ, विशेष संवाददाता। वैष्णव भक्ति एवं संगीत परंपरा के निंबार्क सखी संप्रदाय के प्रवर्तक स्वामी हरिदास जी महाराज ने भक्ति को संगीत का स्वरूप दिया, संगीत को साधना बनाया और उस साधना को समाज की चेतना से जोड़ने का युगांतकारी कार्य किया। उन्हीं की स्मृति और ब्रज की सांस्कृतिक विरासत को समर्पित आज लीलाधारी भगवान श्रीकृष्ण की पावन जन्मस्थली मथुरा में विकास के नए अध्याय की शुरुआत हुई।
पूज्य साधु-संतों एवं धर्माचार्यों के पावन सान्निध्य में मुख्यमंत्री ने स्वामी श्री हरिदास प्रेक्षागृह सहित 1,051 करोड़ रुपये लागत की कुल 229 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
कार्यक्रम में ब्रज क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष बल दिया गया। स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह के निर्माण से ब्रज की संगीत-साधना, भक्ति-परंपरा और कला को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।
आवास और आत्मनिर्भरता को गति
इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 तथा मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत 7,240 लाभार्थियों को आवास सहायता राशि का वितरण किया गया। साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र, ट्रैक्टर की चाबी और अनुदान चेक प्रदान किए गए।
सरकार ने कहा कि डबल इंजन सरकार का लक्ष्य केवल निर्माण नहीं, बल्कि हर पात्र व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
‘ECHOES OF DIVINITY’ का विमोचन
समारोह के दौरान पावन ब्रजभूमि और भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित विशेष पुस्तक ‘ECHOES OF DIVINITY’ का भी विमोचन किया गया। पुस्तक में ब्रज की आध्यात्मिक चेतना, कृष्ण भक्ति और सांस्कृतिक वैभव को समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को हार्दिक बधाई दी और समस्त प्रदेशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगलमय शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
> "ब्रज केवल भूमि नहीं, भाव है। यहां का विकास, भक्ति और संस्कृति का विकास है।" – मंच से उद्बोधन में कहा गया।
रिपोर्ट लाइव भारत समाचार