livebharatsamachar.com ब्यूरो: हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) ने गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत एनसीआर क्षेत्र की हाउसिंग सोसायटियों में बिजली वितरण नियमों के उल्लंघन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने उन बिल्डरों, डेवलपर्स और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं, जो दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं।
मामले की पूरी जानकारी
आयोग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई हाउसिंग सोसायटियों में बिजली के बुनियादी ढांचे का रखरखाव सही ढंग से नहीं हो रहा है और निवासियों से मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। HERC ने स्पष्ट किया है कि बिजली अधिनियम के तहत किसी भी निजी बिल्डर को बिजली वितरण में मनमानी करने की अनुमति नहीं है। इस जांच में DHBVN के अधिकारियों को भी शामिल किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सोसायटियों में बिजली की आपूर्ति और मीटरिंग सिस्टम पारदर्शी हो।
आयोग की सख्त टिप्पणी
HERC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘उपभोक्ताओं के अधिकारों का हनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी बिल्डर या आरडब्ल्यूए बिजली वितरण के नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’
जांच के मुख्य बिंदु
- बिजली के बुनियादी ढांचे (इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर) का ऑडिट।
- निवासियों से वसूले जा रहे बिजली शुल्क की जांच।
- डीएचबीवीएन के नियमों के तहत मीटरिंग और बिलिंग की प्रक्रिया का सत्यापन।
- बिल्डरों और आरडब्ल्यूए द्वारा की जा रही कथित धांधली का खुलासा।
यह कदम उन हजारों निवासियों के लिए राहत की खबर है जो लंबे समय से बिजली कटौती और अत्यधिक बिलों की समस्या से जूझ रहे थे। अब देखना यह होगा कि इस जांच के बाद संबंधित बिल्डरों पर क्या कार्रवाई होती है।