लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है बस्ती, 16 सितंबर : लाइव भारत समाचार 6 सीट से अधिक क्षमता वाले निजी वाहनों को हर साल फिटनेस से राहत, बस्ती मंडल के 3481 वाहन स्वामी होंगे लाभान्वित उत्तर प्रदेश के निजी वाहन स्वामियों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के नवीन कार्यालय आदेश के क्रम में ड्राइवर को छोड़कर 6 सीट से अधिक क्षमता वाले निजी वाहनों के लिए प्रतिवर्ष फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य कराने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को आदेश निर्गत कर दिया गया है। क्या था पहले का नियम? परिवहन विभाग के पूर्व नियमों के अनुसार ड्राइवर सीट को छोड़कर 6 सीट से अधिक क्षमता वाले वाहनों को, चाहे वह निजी श्रेणी में ही क्यों न हों, हर वर्ष आरटीओ कार्यालय में फिटनेस जांच कराना अनिवार्य था। फिटनेस फेल होने पर जुर्माना और वाहन सीज तक की कार्रवाई का प्रावधान था। इस कारण हजारों निजी वाहन मालिकों को हर साल आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। क्या है नया आदेश? नवीन आदेश के अनुसार अब इस श्रेणी के निजी वाहनों को हर वर्ष फिटनेस कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यह छूट केवल निजी तौर पर पंजीकृत वाहनों के लिए है। व्यावसायिक, भाड़े पर चलने वाले, स्कूल वैन, टैक्सी परमिट वाले वाहनों पर पूर्व की तरह ही फिटनेस नियम लागू रहेंगे। विभाग का मानना है कि निजी उपयोग में आने वाले बड़े वाहनों का दुरुपयोग कम होता है और उनका मेंटेनेंस भी निजी स्तर पर बेहतर होता है, इसलिए इस प्रक्रिया को सरल किया गया है। वाहन स्वामियों को होगा दोहरा लाभ
  1. समय की बचत: अब हर साल लाइन में लगने, फिटनेस सेंटर पर जाने और फाइल प्रोसेस से मुक्ति मिलेगी।
  2. धन की बचत: फिटनेस शुल्क, दलालों का खर्च और अनावश्यक भागदौड़ से छुटकारा।
  3. प्रक्रिया सरल: परिवहन विभाग पर अनावश्यक भार कम होगा, जिससे विभाग अन्य जरूरी कार्यों पर फोकस कर सकेगा।
बस्ती मंडल में 3481 वाहन होंगे लाभान्वित इस संबंध में जानकारी देते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने बताया कि इस नए आदेश से बस्ती मंडल के तीनों जिलों के कुल 3481 पंजीकृत निजी वाहन स्वामी लाभान्वित होंगे। उन्होंने जनपदवार आंकड़े साझा करते हुए बताया - बस्ती में 1737, सिद्धार्थनगर में 685 और संतकबीरनगर में 1058 वाहन इस नए दायरे में आते हैं। उन्होंने कहा, "यह निर्णय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहतकारी है जो बड़ी निजी गाड़ियां जैसे - अर्टिगा, बोलेरो, क्रूजर, विंगर जैसे 7, 8, 10 सीटर निजी वाहन रखते हैं। अब उन्हें हर वर्ष फिटनेस के लिए परिवहन कार्यालय की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।" परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हालांकि वार्षिक फिटनेस से छूट दी गई है, लेकिन वाहन का बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) और रजिस्ट्रेशन संबंधी अन्य वैध दस्तावेज रखना अनिवार्य होगा और यातायात नियमों का पालन करना होगा। रिपोर्ट - बस्ती ब्यूरो, लाइव भारत समाचार
बुधवार, 16 सितम्बर , 2026

*परिवहन विभाग ने दी राहत, 7 सीटर और उससे बड़े वाहनों की सालाना फिटनेस अनिवार्यता खत्म*

बस्ती, 16 सितंबर : लाइव भारत समाचार

6 सीट से अधिक क्षमता वाले निजी वाहनों को हर साल फिटनेस से राहत, बस्ती मंडल के 3481 वाहन स्वामी होंगे लाभान्वित

उत्तर प्रदेश के निजी वाहन स्वामियों के लिए राहत भरी खबर है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के नवीन कार्यालय आदेश के क्रम में ड्राइवर को छोड़कर 6 सीट से अधिक क्षमता वाले निजी वाहनों के लिए प्रतिवर्ष फिटनेस प्रमाण-पत्र अनिवार्य कराने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है। इस संबंध में 15 सितंबर 2026 को आदेश निर्गत कर दिया गया है।

क्या था पहले का नियम?

परिवहन विभाग के पूर्व नियमों के अनुसार ड्राइवर सीट को छोड़कर 6 सीट से अधिक क्षमता वाले वाहनों को, चाहे वह निजी श्रेणी में ही क्यों न हों, हर वर्ष आरटीओ कार्यालय में फिटनेस जांच कराना अनिवार्य था। फिटनेस फेल होने पर जुर्माना और वाहन सीज तक की कार्रवाई का प्रावधान था। इस कारण हजारों निजी वाहन मालिकों को हर साल आरटीओ कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे।

क्या है नया आदेश?

नवीन आदेश के अनुसार अब इस श्रेणी के निजी वाहनों को हर वर्ष फिटनेस कराने की आवश्यकता नहीं होगी। यह छूट केवल निजी तौर पर पंजीकृत वाहनों के लिए है। व्यावसायिक, भाड़े पर चलने वाले, स्कूल वैन, टैक्सी परमिट वाले वाहनों पर पूर्व की तरह ही फिटनेस नियम लागू रहेंगे।

विभाग का मानना है कि निजी उपयोग में आने वाले बड़े वाहनों का दुरुपयोग कम होता है और उनका मेंटेनेंस भी निजी स्तर पर बेहतर होता है, इसलिए इस प्रक्रिया को सरल किया गया है।

वाहन स्वामियों को होगा दोहरा लाभ

  1. समय की बचत: अब हर साल लाइन में लगने, फिटनेस सेंटर पर जाने और फाइल प्रोसेस से मुक्ति मिलेगी।
  2. धन की बचत: फिटनेस शुल्क, दलालों का खर्च और अनावश्यक भागदौड़ से छुटकारा।
  3. प्रक्रिया सरल: परिवहन विभाग पर अनावश्यक भार कम होगा, जिससे विभाग अन्य जरूरी कार्यों पर फोकस कर सकेगा।

बस्ती मंडल में 3481 वाहन होंगे लाभान्वित

इस संबंध में जानकारी देते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने बताया कि इस नए आदेश से बस्ती मंडल के तीनों जिलों के कुल 3481 पंजीकृत निजी वाहन स्वामी लाभान्वित होंगे।

उन्होंने जनपदवार आंकड़े साझा करते हुए बताया –
बस्ती में 1737, सिद्धार्थनगर में 685 और संतकबीरनगर में 1058 वाहन इस नए दायरे में आते हैं।

उन्होंने कहा, “यह निर्णय विशेष रूप से उन परिवारों के लिए राहतकारी है जो बड़ी निजी गाड़ियां जैसे – अर्टिगा, बोलेरो, क्रूजर, विंगर जैसे 7, 8, 10 सीटर निजी वाहन रखते हैं। अब उन्हें हर वर्ष फिटनेस के लिए परिवहन कार्यालय की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।”

परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि हालांकि वार्षिक फिटनेस से छूट दी गई है, लेकिन वाहन का बीमा, प्रदूषण प्रमाण-पत्र (PUC) और रजिस्ट्रेशन संबंधी अन्य वैध दस्तावेज रखना अनिवार्य होगा और यातायात नियमों का पालन करना होगा।

रिपोर्ट – बस्ती ब्यूरो, लाइव भारत समाचार

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *