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Livebharatsamachar ब्यूरो: हरियाणा के बहादुरगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी पर एक आपराधिक मामले से तीन लोगों के नाम हटाने की एवज में डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के अनुसार, आरोपी ASI नवीन ने एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान तीन संदिग्धों को राहत देने का वादा किया था। शुरुआती बातचीत में आरोपी ने इन नामों को केस फाइल से हटाने के लिए 3 लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद जाल बिछाया गया।

रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने एक सुनियोजित तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही ASI ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये स्वीकार किए, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है और उसे हिरासत में ले लिया गया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। आरोपी ASI के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

मुख्य बिंदु

इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन से अधिकारी संलिप्त हो सकते हैं।

मंगलवार, 22 सितम्बर , 2026

बहादुरगढ़ में रिश्वतखोर ASI गिरफ्तार: केस से नाम हटाने के लिए मांगे थे 3 लाख

Livebharatsamachar ब्यूरो: हरियाणा के बहादुरगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी पर एक आपराधिक मामले से तीन लोगों के नाम हटाने की एवज में डेढ़ लाख रुपये की रिश्वत लेने का गंभीर आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) के अनुसार, आरोपी ASI नवीन ने एक आपराधिक मामले की जांच के दौरान तीन संदिग्धों को राहत देने का वादा किया था। शुरुआती बातचीत में आरोपी ने इन नामों को केस फाइल से हटाने के लिए 3 लाख रुपये की मांग की थी। पीड़ित पक्ष ने इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से की, जिसके बाद जाल बिछाया गया।

रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने एक सुनियोजित तरीके से ट्रैप लगाया। जैसे ही ASI ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में डेढ़ लाख रुपये स्वीकार किए, टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से रिश्वत की राशि बरामद कर ली गई है और उसे हिरासत में ले लिया गया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है। आरोपी ASI के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

मुख्य बिंदु

  • आरोपी ASI का नाम नवीन है, जो बहादुरगढ़ में तैनात था।
  • केस से तीन लोगों के नाम हटाने के लिए 3 लाख रुपये की मांग की गई थी।
  • विजिलेंस ने 1.5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। विजिलेंस विभाग अब यह भी जांच कर रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन से अधिकारी संलिप्त हो सकते हैं।

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