Livebharatsamachar ब्यूरो: भारत सरकार ने इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई हालिया टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में इन संदर्भों को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ और ‘अनुचित’ करार दिया है। भारत ने जोर देकर कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।
भारत का कड़ा रुख
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि ओआईसी का यह रवैया न केवल भारत की संप्रभुता का अनादर है, बल्कि यह संगठन की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाता है। भारत ने ओआईसी को सलाह दी है कि वह किसी अन्य देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के बजाय अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करे।
भारत ने कहा है कि ओआईसी का एजेंडा कुछ निहित स्वार्थों द्वारा संचालित है, जो जमीनी हकीकत से पूरी तरह अनजान हैं। जम्मू-कश्मीर का मुद्दा पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है और इस पर किसी बाहरी संस्था का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।
प्रमुख बिंदु
- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, इस पर कोई समझौता नहीं होगा।
- ओआईसी की टिप्पणियां तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक हैं।
- भारत ने ओआईसी को आंतरिक मामलों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
- अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत अपनी स्थिति को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है।
कूटनीतिक प्रतिक्रिया
विशेषज्ञों का मानना है कि ओआईसी का यह कदम पाकिस्तान के दबाव में उठाया गया है। भारत ने बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर यह संदेश दिया है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और विकास की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसे ओआईसी जैसे संगठनों द्वारा नजरअंदाज करना उनकी संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। भारत का स्पष्ट संदेश है कि वह अपनी सीमाओं और आंतरिक अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।