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Livebharatsamachar ब्यूरो: एशियाई खेलों के मंच पर भारतीय वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। महिला सांडा 60 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में रोशिबिना ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। हालांकि, स्वर्ण पदक के लिए हुए कड़े मुकाबले में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

फाइनल में कड़ी चुनौती

हांगझू में आयोजित इस फाइनल मुकाबले में चीनी खिलाड़ी झांग शियाओयू का दबदबा देखने को मिला। रोशिबिना ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया था, लेकिन खिताबी मुकाबले में झांग ने दोनों राउंड में निर्णायक बढ़त बनाते हुए 0-2 के स्कोर से जीत हासिल की। भारतीय खिलाड़ी ने अंत तक संघर्ष किया, लेकिन अनुभव और तकनीक के मामले में चीनी खिलाड़ी उनसे थोड़ी आगे रहीं।

लगातार दूसरी बार पोडियम पर रोशिबिना

यह पदक रोशिबिना के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लगातार दो एशियाई खेलों में रजत पदक जीतना उनकी निरंतरता और कड़ी मेहनत को दर्शाता है। इससे पहले भी वह बड़े मंचों पर भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी की लहर है।

रोशिबिना का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। उन्होंने जिस तरह से दबाव के बीच खुद को संभाला और फाइनल तक का सफर तय किया, वह आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है।
गुरूवार, 24 सितम्बर , 2026

एशियाई खेलों में रोशिबिना देवी का शानदार प्रदर्शन, जीता रजत पदक

Livebharatsamachar ब्यूरो: एशियाई खेलों के मंच पर भारतीय वुशु खिलाड़ी नाओरेम रोशिबिना देवी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। महिला सांडा 60 किग्रा वर्ग के फाइनल मुकाबले में रोशिबिना ने रजत पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। हालांकि, स्वर्ण पदक के लिए हुए कड़े मुकाबले में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

फाइनल में कड़ी चुनौती

हांगझू में आयोजित इस फाइनल मुकाबले में चीनी खिलाड़ी झांग शियाओयू का दबदबा देखने को मिला। रोशिबिना ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन तकनीक का प्रदर्शन किया था, लेकिन खिताबी मुकाबले में झांग ने दोनों राउंड में निर्णायक बढ़त बनाते हुए 0-2 के स्कोर से जीत हासिल की। भारतीय खिलाड़ी ने अंत तक संघर्ष किया, लेकिन अनुभव और तकनीक के मामले में चीनी खिलाड़ी उनसे थोड़ी आगे रहीं।

लगातार दूसरी बार पोडियम पर रोशिबिना

यह पदक रोशिबिना के करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। लगातार दो एशियाई खेलों में रजत पदक जीतना उनकी निरंतरता और कड़ी मेहनत को दर्शाता है। इससे पहले भी वह बड़े मंचों पर भारत के लिए पदक जीत चुकी हैं। उनकी इस उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी की लहर है।

रोशिबिना का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा है। उन्होंने जिस तरह से दबाव के बीच खुद को संभाला और फाइनल तक का सफर तय किया, वह आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा है।

  • महिला सांडा 60 किग्रा वर्ग में रजत पदक।
  • फाइनल में चीन की झांग शियाओयू से 0-2 से हार।
  • लगातार दो एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली खिलाड़ी।
  • भारतीय वुशु के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय।

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