लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है [video width="640" height="352" mp4="https://livebharatsamachar.com/wp-content/uploads/2023/03/WhatsApp-Video-2023-03-15-at-17.23.25.mp4"][/video] [gallery ids="6836,6837"] बस्ती ,15 मार्च लाइव भारत समाचार:- जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने तहसील हर्रैया के विकास खण्ड दुबौलिया में स्थित ग्राम बैरागल व डिंगरपुर में खस की खेती व प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होने खस की खेती करने वाले किसान प्रेम प्रकाश सिंह व अमरेन्द्र प्रताप सिंह व धर्मराज चौधरी से वार्ता भी किया। उन्होने खस की खेती को अधिक से अधिक विस्तृत क्षेत्र में किए जाने हेतु डीसी एनआरएलएम रामदुलार व जिला उद्यान अधिकारी संतोष दुबे को निर्देशित किया। उन्होने पाया कि वर्तमान में डिंगरपुर मे लगभग 125 एकड़ मे खस की खेती की जा रही है। उन्होने डीसी एनआरएलएम को महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खस के प्लांट स्थापित कराये जाने हेतु निर्देशित किया। किसानों ने बताया कि खस की खेती के लिए दोमट व बलुई मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। खस से परफ्यूम में प्रयोग किये जाने वाला तेल निकाला जाता है। इसके अलावा मेडिसिन, सौंदर्य प्रसाधन में भी इसका प्रयोग किया जाता है। अगरबत्ती, धूपबत्ती मे भी खस से बनने वाले तेल का उपयोग होता है। खस की खेती मृदा संरक्षण, भूमि सुधार तथा कटान रोकने के लिए उपयुक्त होती है। दुबौलिया से विक्रमजोत तक सरयू नदी क्षेत्र मे खस की खेती बहुत आसानी से की जा सकती है। इस अवसर पर एसडीएम हर्रैया गुलाब चन्द्र, नायब तहसीलदार कृष्णमोहन यादव, राजस्व निरीक्षक दिनेश उपाध्याय, लेखपाल कौशलेंद्र श्रीवास्तव, सुभाष पाल, रिसंक् शुक्ला, प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहें। रिपोर्ट: अनिल श्रीवास्तव लाइव भारत समाचार
मंगलवार, 10 मार्च , 2026

प्रफ्यूम बनाने वाली खस की खेती पर दिया महत्व किसानों ने दी जानकारी

बस्ती ,15 मार्च लाइव भारत समाचार:– जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने तहसील हर्रैया के विकास खण्ड दुबौलिया में स्थित ग्राम बैरागल व डिंगरपुर में खस की खेती व प्लांट का निरीक्षण किया। उन्होने खस की खेती करने वाले किसान प्रेम प्रकाश सिंह व अमरेन्द्र प्रताप सिंह व धर्मराज चौधरी से वार्ता भी किया। उन्होने खस की खेती को अधिक से अधिक विस्तृत क्षेत्र में किए जाने हेतु डीसी एनआरएलएम रामदुलार व जिला उद्यान अधिकारी संतोष दुबे को निर्देशित किया। उन्होने पाया कि वर्तमान में डिंगरपुर मे लगभग 125 एकड़ मे खस की खेती की जा रही है। उन्होने डीसी एनआरएलएम को महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खस के प्लांट स्थापित कराये जाने हेतु निर्देशित किया।
किसानों ने बताया कि खस की खेती के लिए दोमट व बलुई मिट्टी उपयुक्त मानी जाती है। खस से परफ्यूम में प्रयोग किये जाने वाला तेल निकाला जाता है। इसके अलावा मेडिसिन, सौंदर्य प्रसाधन में भी इसका प्रयोग किया जाता है। अगरबत्ती, धूपबत्ती मे भी खस से बनने वाले तेल का उपयोग होता है। खस की खेती मृदा संरक्षण, भूमि सुधार तथा कटान रोकने के लिए उपयुक्त होती है। दुबौलिया से विक्रमजोत तक सरयू नदी क्षेत्र मे खस की खेती बहुत आसानी से की जा सकती है।
इस अवसर पर एसडीएम हर्रैया गुलाब चन्द्र, नायब तहसीलदार कृष्णमोहन यादव, राजस्व निरीक्षक दिनेश उपाध्याय, लेखपाल कौशलेंद्र श्रीवास्तव, सुभाष पाल, रिसंक् शुक्ला, प्रमोद कुमार आदि उपस्थित रहें।

रिपोर्ट: अनिल श्रीवास्तव लाइव भारत समाचार

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