लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है बस्ती, 03 अक्टूबर : लाइव भारत समाचार :- उत्तराकशी जिले में पत्रकार राजीव प्रताप की हत्या मामले में अशोक श्रीवास्तव की अगुवाई में पत्रकारों ने उत्तराखण्ड के राज्यपाल को सम्बोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। संतोष सिंह, लवकुश यादव, संतोष श्रीवास्तव, राजित राम आदि मौजूद रहे। भेजे गये ज्ञापन में पत्रकार के हत्यारों को फांसी की सजा दिये जाने की मांग की गई। इसके साथ ही मामले का फास्ट ट्रैक कोर्ट में टाइम बाउण्ड ट्रायल, पत्नी को कम से कम एक करोड रूपये की अहेतुक सहायता और सरकारी नौकरी दिये जाने, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर उसे सख्ती से लागू किये जाने तथा पत्रकार उत्पीड़न मामलों की जांच एसआईटी से कराये जाने की मांग प्रमुखता से की गई है। अशोक श्रीवास्तव ने कहा उत्तरकाशी जिले में स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप की लाश 28 सितम्बर को जोशियाड़ा बांध के किनारे मिली थी। वे 10 दिन पहले से ही लापता थे। पत्नी के मुताबिक राजीव प्रताप ने अपने यू ट्यूब चैनल के जरिये उत्तरकाशी जिला अस्पताल का भ्रष्टाचार उजागर किया था, तबसे उन्हे लगातार धमकियां मिल रही थीं। हमे अफसोस है कि सरकारें पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम हैं। राजीव प्रताप की अभी 9 महीने पहले शादी हुई थी, पत्नी मुसकान 7 माह की गंर्भवती है। राजीव कच्ची गृहस्थी छोड़कर गये हैं। घटना उनकी पत्नी और परिजनों पर वज्रपात से कम नही है। ऐसे में उत्तराखण्ड सरकार को चाहिये कि राजीव प्रताप के परिवार में अचानक आई इस विपत्ति से उन्हे उबारने और स्थापित करने के उद्देश्य से उनके साथ खड़ी रहे। रिपोर्ट ,बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत
शनिवार, 7 मार्च , 2026

पत्रकार की हत्या मामले को लेकर बस्ती के पत्रकारों ने ज्ञापन सौंपा, पत्नी को सरकारी नौकरी की उठाई मांग

बस्ती, 03 अक्टूबर : लाइव भारत समाचार :- उत्तराकशी जिले में पत्रकार राजीव प्रताप की हत्या मामले में अशोक श्रीवास्तव की अगुवाई में पत्रकारों ने उत्तराखण्ड के राज्यपाल को सम्बोधित 5 सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। संतोष सिंह, लवकुश यादव, संतोष श्रीवास्तव, राजित राम आदि मौजूद रहे। भेजे गये ज्ञापन में पत्रकार के हत्यारों को फांसी की सजा दिये जाने की मांग की गई।

इसके साथ ही मामले का फास्ट ट्रैक कोर्ट में टाइम बाउण्ड ट्रायल, पत्नी को कम से कम एक करोड रूपये की अहेतुक सहायता और सरकारी नौकरी दिये जाने, पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाकर उसे सख्ती से लागू किये जाने तथा पत्रकार उत्पीड़न मामलों की जांच एसआईटी से कराये जाने की मांग प्रमुखता से की गई है। अशोक श्रीवास्तव ने कहा उत्तरकाशी जिले में स्वतंत्र पत्रकार राजीव प्रताप की लाश 28 सितम्बर को जोशियाड़ा बांध के किनारे मिली थी।

वे 10 दिन पहले से ही लापता थे। पत्नी के मुताबिक राजीव प्रताप ने अपने यू ट्यूब चैनल के जरिये उत्तरकाशी जिला अस्पताल का भ्रष्टाचार उजागर किया था, तबसे उन्हे लगातार धमकियां मिल रही थीं। हमे अफसोस है कि सरकारें पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में नाकाम हैं। राजीव प्रताप की अभी 9 महीने पहले शादी हुई थी, पत्नी मुसकान 7 माह की गंर्भवती है। राजीव कच्ची गृहस्थी छोड़कर गये हैं। घटना उनकी पत्नी और परिजनों पर वज्रपात से कम नही है। ऐसे में उत्तराखण्ड सरकार को चाहिये कि राजीव प्रताप के परिवार में अचानक आई इस विपत्ति से उन्हे उबारने और स्थापित करने के उद्देश्य से उनके साथ खड़ी रहे।

रिपोर्ट ,बस्ती ब्यूरो : लाइव भारत

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