संतकबीरनगर टुल्लू पंप में उतरे करंट से महिला की दर्दनाक मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने रोडवेज तिराहा जाम कर किया प्रदर्शन

संत कबीर नगर। जनपद के मेंहदावल थाना क्षेत्र के एकला माफी गांव की रहने वाली रेनू (35) पत्नी गोविंद की खेत में सिंचाई के दौरान करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन सड़क पर उतर आए तथा मेंहदावल रोडवेज तिराहे पर जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार, रेनू शुक्रवार सुबह एकला शुक्ल गांव में बटाई पर लिए गए खेत में धान की फसल की सिंचाई कर रही थीं। सिंचाई के लिए लगाए गए टुल्लू पंप में अचानक करंट उतर आया, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गईं। खेत में मौजूद लोगों ने उन्हें तुरंत बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की खबर फैलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेंहदावल रोडवेज तिराहे पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और घटना की निष्पक्ष जांच कराने, शासन की नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और यातायात सामान्य हो सका।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं बिजली विभाग ने भी तकनीकी जांच शुरू कर दी है कि टुल्लू पंप में करंट किस कारण उतरा। प्रारंभिक आशंका विद्युत आपूर्ति प्रणाली में तकनीकी खराबी या अर्थिंग की समस्या की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
गौरतलब है कि मानसून के दौरान खेतों में सिंचाई के समय बिजली से जुड़े हादसे बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खेतों में प्रयुक्त मोटर, टुल्लू पंप और विद्युत उपकरणों की नियमित जांच, सही अर्थिंग तथा सुरक्षित वायरिंग ऐसे हादसों को रोकने के लिए अत्यंत आवश्यक है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जिले में पुराने और जर्जर विद्युत ढांचे की व्यापक जांच कराने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत सुरक्षा अभियान चलाने की मांग की है।
रिपोर्ट ब्यूरो संतकबीरनगर|लाइव भारत समाचार