लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है 15 जुलाई अंतिम चेतावनी; बस्ती मंडल में 162 स्कूल वाहन मिले अनफिट, परिवहन विभाग ने रोका संचालन मिशन सेफ फ्यूचर' पर सख्ती: बिना फिटनेस दौड़े तो स्कूल वाहन होंगे सीज, बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं बस्ती, 13 जुलाई | लाइव भारत समाचार ब्यूरो प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर उत्तर प्रदेश में 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान के तहत अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देशों के अनुपालन में बस्ती मंडल में बिना फिटनेस संचालित हो रहे स्कूल वाहनों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर संचालित नहीं होने दिया जाएगा। संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में स्कूल प्रबंधन को पूर्व में पर्याप्त समय दिया गया था। 7 जुलाई तक वाहनों की फिटनेस कराने का अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कई विद्यालयों ने नियमों का पालन नहीं किया। अब ऐसे वाहनों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज (निरुद्ध) किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि "स्कूल वाहन केवल एक वाहन नहीं, बल्कि अभिभावकों के विश्वास और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।" परिवहन विभाग के अनुसार हाल ही में चलाए गए विशेष जांच अभियान में विभिन्न विद्यालयों के 162 स्कूल वाहन अनफिट पाए गए, जिनका संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी वाहन फिटनेस परीक्षण सफल होने के बाद ही पुनः संचालन में लाए जाएं। अभियान के तहत संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी माला बाजपेई तथा यात्री/मालकर अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त टीम लगातार विद्यालयों और स्कूल वाहनों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि 15 जुलाई अंतिम चेतावनी है। इसके बाद भी यदि कोई विद्यालय बिना फिटनेस के वाहन संचालित करता पाया गया तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित जांच और जागरूकता अभियान भी जारी रहेगा। परिवहन विभाग ने सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि जिन वाहनों की फिटनेस लंबित या असफल है, उन्हें तत्काल फिटनेस कराकर ही बच्चों के परिवहन में लगाया जाए। विभाग का कहना है कि सुरक्षित स्कूल वाहन संचालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे की सुरक्षित घर वापसी का भरोसा है रिपोर्ट ब्यूरो बस्ती|लाइव भारत समाचार 
सोमवार, 13 जुलाई , 2026

15 जुलाई अंतिम चेतावनी; बस्ती मंडल में 162 स्कूल वाहन मिले अनफिट, परिवहन विभाग ने रोका संचालन

15 जुलाई अंतिम चेतावनी; बस्ती मंडल में 162 स्कूल वाहन मिले अनफिट, परिवहन विभाग ने रोका संचालन

मिशन सेफ फ्यूचर’ पर सख्ती: बिना फिटनेस दौड़े तो स्कूल वाहन होंगे सीज, बच्चों की सुरक्षा से समझौता नहीं

बस्ती, 13 जुलाई | लाइव भारत समाचार ब्यूरो

प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल स्कूली बच्चों के सुरक्षित परिवहन को लेकर उत्तर प्रदेश में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान के तहत अब सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन के निर्देशों के अनुपालन में बस्ती मंडल में बिना फिटनेस संचालित हो रहे स्कूल वाहनों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना वैध फिटनेस प्रमाणपत्र के कोई भी स्कूल वाहन सड़क पर संचालित नहीं होने दिया जाएगा।

संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन ने बताया कि मंडल के सभी जिलों में स्कूल प्रबंधन को पूर्व में पर्याप्त समय दिया गया था। 7 जुलाई तक वाहनों की फिटनेस कराने का अवसर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद कई विद्यालयों ने नियमों का पालन नहीं किया। अब ऐसे वाहनों के विरुद्ध सीधे कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज (निरुद्ध) किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि “स्कूल वाहन केवल एक वाहन नहीं, बल्कि अभिभावकों के विश्वास और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।”

परिवहन विभाग के अनुसार हाल ही में चलाए गए विशेष जांच अभियान में विभिन्न विद्यालयों के 162 स्कूल वाहन अनफिट पाए गए, जिनका संचालन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया। संबंधित विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी वाहन फिटनेस परीक्षण सफल होने के बाद ही पुनः संचालन में लाए जाएं।

अभियान के तहत संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी माला बाजपेई तथा यात्री/मालकर अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की संयुक्त टीम लगातार विद्यालयों और स्कूल वाहनों की जांच कर रही है।

अधिकारियों ने बताया कि 15 जुलाई अंतिम चेतावनी है। इसके बाद भी यदि कोई विद्यालय बिना फिटनेस के वाहन संचालित करता पाया गया तो उसके विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नियमित जांच और जागरूकता अभियान भी जारी रहेगा।

परिवहन विभाग ने सभी स्कूल संचालकों से अपील की है कि जिन वाहनों की फिटनेस लंबित या असफल है, उन्हें तत्काल फिटनेस कराकर ही बच्चों के परिवहन में लगाया जाए। विभाग का कहना है कि सुरक्षित स्कूल वाहन संचालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे की सुरक्षित घर वापसी का भरोसा है

रिपोर्ट ब्यूरो बस्ती|लाइव भारत समाचार 

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *