लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है   शिक्षा सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर मेधा पार्टी का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा 9 सूत्रीय ज्ञापन बस्ती, 1 जुलाई | लाइव भारत समाचार देशभर में शिक्षा व्यवस्था, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में बुधवार को मेधा पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं, छात्रों और युवाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को 9 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया। [video width="848" height="480" mp4="https://livebharatsamachar.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260701-WA0020.mp4"][/video] प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा के बाजारीकरण, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, छात्रों को समान अवसर तथा उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा और पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे। ज्ञापन सौंपने के बाद मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है, लेकिन वर्तमान समय में पेपर लीक, बढ़ती फीस, छात्रवृत्ति संबंधी समस्याएं और शिक्षा के व्यावसायीकरण ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि जब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक मेधा पार्टी चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी। प्रधानमंत्री को भेजे गए 9 सूत्रीय ज्ञापन की प्रमुख मांगें पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा सभी प्रमुख परीक्षाएं सरकारी संस्थानों द्वारा कराई जाएं। यूजीसी रेगुलेशन-2026 को वापस लेकर विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित किया जाए। दशमोत्तर कक्षाओं में सभी पात्र छात्रों को शत-प्रतिशत फीस प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए, चाहे संस्थान सरकारी, सहायता प्राप्त अथवा निजी हों। कथित फर्जी एससी-एसटी एक्ट के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शून्य फीस पर शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। पूरे देश में समान पाठ्यक्रम लागू कर निजी विद्यालयों में हर वर्ष किताबें, ड्रेस, जूते-मोजे आदि बदलने की अनिवार्यता एवं कथित कमीशनखोरी पर रोक लगाई जाए। कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए प्रभावी आर्थिक सहायता और स्पष्ट नीति लागू की जाए। बिहार के बेलौटी (भोजपुर) निवासी भरत भूषण तिवारी हत्याकांड में दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी कर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल तिवारी, संजय प्रधान, कैलाश शर्मा, रुद्र आदर्श पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, घनश्याम मिश्र, अरविन्द तिवारी, सूर्यकान्त तिवारी, राजेश मिश्र, अंशू चौरसिया, गौरवमणि तिवारी, विवेक पाल, गिरीश चन्द्र गिरी सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और उच्च शिक्षा तक समान पहुंच जैसे मुद्दे राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। ऐसे में बस्ती से उठी यह आवाज़ शिक्षा सुधार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के अधिकारों को लेकर चल रही व्यापक राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा मानी जा रही है। रिपोर्ट: बस्ती ब्यूरो, लाइव भारत समाचार
बुधवार, 1 जुलाई , 2026

शिक्षा सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर मेधा पार्टी का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा 9 सूत्रीय ज्ञापन

 

शिक्षा सुधार और पेपर लीक के मुद्दे पर मेधा पार्टी का प्रदर्शन, प्रधानमंत्री को भेजा 9 सूत्रीय ज्ञापन

बस्ती, 1 जुलाई | लाइव भारत समाचार

देशभर में शिक्षा व्यवस्था, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों और उच्च शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में बुधवार को मेधा पार्टी ने जोरदार प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं, छात्रों और युवाओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया तथा प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को 9 सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा के बाजारीकरण, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता, छात्रों को समान अवसर तथा उच्च शिक्षा तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने की मांग उठाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा और पार्टी पदाधिकारी शामिल रहे।

ज्ञापन सौंपने के बाद मेधा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता दीनदयाल तिवारी ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला है, लेकिन वर्तमान समय में पेपर लीक, बढ़ती फीस, छात्रवृत्ति संबंधी समस्याएं और शिक्षा के व्यावसायीकरण ने लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि जब तक इन समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक मेधा पार्टी चरणबद्ध आंदोलन जारी रखेगी।

प्रधानमंत्री को भेजे गए 9 सूत्रीय ज्ञापन की प्रमुख मांगें

पेपर लीक मामलों में शामिल दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा सभी प्रमुख परीक्षाएं सरकारी संस्थानों द्वारा कराई जाएं।

यूजीसी रेगुलेशन-2026 को वापस लेकर विश्वविद्यालयों का शैक्षणिक वातावरण सुरक्षित किया जाए।

दशमोत्तर कक्षाओं में सभी पात्र छात्रों को शत-प्रतिशत फीस प्रतिपूर्ति एवं छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाए, चाहे संस्थान सरकारी, सहायता प्राप्त अथवा निजी हों।

कथित फर्जी एससी-एसटी एक्ट के मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई की जाए।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षा तक शून्य फीस पर शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।

आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों का निजी विद्यालयों में प्रवेश सुनिश्चित किया जाए।

पूरे देश में समान पाठ्यक्रम लागू कर निजी विद्यालयों में हर वर्ष किताबें, ड्रेस, जूते-मोजे आदि बदलने की अनिवार्यता एवं कथित कमीशनखोरी पर रोक लगाई जाए।

कम आय वाले अभिभावकों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए प्रभावी आर्थिक सहायता और स्पष्ट नीति लागू की जाए।

बिहार के बेलौटी (भोजपुर) निवासी भरत भूषण तिवारी हत्याकांड में दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी कर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाए।

बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता

ज्ञापन सौंपने के दौरान राहुल तिवारी, संजय प्रधान, कैलाश शर्मा, रुद्र आदर्श पाण्डेय, रामरीका पाण्डेय, घनश्याम मिश्र, अरविन्द तिवारी, सूर्यकान्त तिवारी, राजेश मिश्र, अंशू चौरसिया, गौरवमणि तिवारी, विवेक पाल, गिरीश चन्द्र गिरी सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य

हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, शिक्षा की बढ़ती लागत और उच्च शिक्षा तक समान पहुंच जैसे मुद्दे राष्ट्रीय बहस का विषय बने हुए हैं। ऐसे में बस्ती से उठी यह आवाज़ शिक्षा सुधार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के अधिकारों को लेकर चल रही व्यापक राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा मानी जा रही है।

रिपोर्ट: बस्ती ब्यूरो, लाइव भारत समाचार

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