स्कूल वाहनों पर सख्ती: 8 जुलाई से बिना फिटनेस-परमिट वाले वाहनों पर होगी बड़ी कार्रवाई, मान्यता तक हो सकती है निरस्त

बस्ती, 1 जुलाई | लाइव भारत समाचार
उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए “मिशन सेफ फ्यूचर” अभियान के तहत विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित और मानक अनुरूप बनाने की दिशा में बस्ती प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिले के सभी विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जुलाई के प्रथम सप्ताह के भीतर सभी स्कूल वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र और परमिट शत-प्रतिशत वैध कराया जाए। प्रशासन ने चेतावनी दी कि 8 जुलाई 2026 से विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। यदि कोई स्कूल वाहन बिना वैध फिटनेस या परमिट के संचालित मिलता है, तो वाहन को तत्काल सीज (निरुद्ध) किया जाएगा। साथ ही संबंधित विद्यालय के विरुद्ध मान्यता निरस्त करने की संस्तुति भी की जाएगी।
बैठक में विद्यालयी परिवहन सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन पर विशेष जोर दिया गया। सभी विद्यालयों को निर्देशित किया गया कि वे वर्ष में जुलाई, अक्टूबर, जनवरी और अप्रैल माह में नियमित रूप से विद्यालय परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित करें तथा प्रत्येक बैठक का अभिलेख सुरक्षित रखें।
प्रशासन ने विद्यार्थियों की सड़क सुरक्षा को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट के किसी भी छात्र-छात्रा को विद्यालय आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही टेम्पो, ऑटो, मैजिक और ई-रिक्शा जैसे असुरक्षित वाहनों से बच्चों के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए।
विद्यालयों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रत्येक स्कूल में रोड सेफ्टी नोडल शिक्षक नियुक्त करने, प्रत्येक कक्षा से एक विद्यार्थी को रोड सेफ्टी कैप्टन नामित करने तथा प्रतिदिन प्रार्थना सभा के दौरान सड़क सुरक्षा संबंधी जानकारी एवं यातायात नियमों का नियमित प्रसार करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) फरीदउद्दीन, संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुरेश कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) श्रीमती माला बाजपेयी, यात्रीकर अधिकारी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, अपर जिला विद्यालय निरीक्षक उदयभान वर्मा सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
प्रदेश सरकार के इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयी परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित, जवाबदेह और नियमसम्मत बनाना है, ताकि स्कूली बच्चों की यात्रा हर परिस्थिति में सुरक्षित सुनिश्चित की जा सके।
रिपोर्ट: बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार