लाइव भारत समाचार में आपका स्वागत है   यूपी में स्कूली वाहनों पर सख्ती: 'मिशन सेफ फ्यूचर' के तहत बिना फिटनेस-परमिट वाले वाहन होंगे सीज, मान्यता पर भी गिरेगी गाज 1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई; बस्ती में पहले ही दिन दो स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, ₹15 हजार प्रसमन शुल्क वसूला गया। [video width="464" height="368" mp4="https://livebharatsamachar.com/wp-content/uploads/2026/07/VID-20260703-WA0003.mp4"][/video] बस्ती, 2 जुलाई | लाइव भारत समाचार (प्रदेश डेस्क) उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक राज्यव्यापी "मिशन : सेफ फ्यूचर" अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यार्थी सुरक्षित एवं मानक अनुरूप वाहन से ही विद्यालय पहुंचे। बस्ती जनपद में अभियान की जानकारी देते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी फरीउद्दीन ने बताया कि 7 जुलाई तक विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को नोटिस, व्यक्तिगत संपर्क तथा बैठकों के माध्यम से सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इस दौरान परिवहन विभाग द्वारा वाहनों का भौतिक निरीक्षण तथा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 8 जुलाई से शुरू होगी संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) माला बाजपेई ने बताया कि 8 जुलाई से 15 जुलाई तक परिवहन विभाग, पुलिस, यातायात पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान, सीज तथा निरुद्ध करने जैसी कठोर कार्रवाई करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा निजी वाहनों से व्यावसायिक रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। "बच्चे सुरक्षित तो देश का भविष्य सुरक्षित" एआरटीओ ने कहा कि विद्यालय संचालकों को एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी जा रही है। इसके बाद बिना फिटनेस वाले स्कूली वाहन सीधे सीज किए जाएंगे। लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की सूची जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सके। अभिभावकों से भी की गई अपील परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, चालक का लाइसेंस तथा सुरक्षा मानकों की जानकारी अवश्य लें। यदि किसी वाहन में अनियमितता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। बस्ती में शुरू हुई कार्रवाई अभियान के तहत 2 जुलाई को बस्ती जनपद में प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करते पाए गए दो स्कूली वाहनों का चालान किया गया। इस कार्रवाई में ₹15,000 का प्रसमन शुल्क वसूला गया। विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में जांच और अधिक व्यापक स्तर पर जारी रहेगी। मुख्य बिंदु 1 से 15 जुलाई तक चलेगा 'मिशन : सेफ फ्यूचर' अभियान। 7 जुलाई तक विद्यालयों को दस्तावेज दुरुस्त करने का अवसर। 8 जुलाई से संयुक्त प्रवर्तन अभियान में चालान, सीज और निरुद्ध करने की कार्रवाई। लगातार नियम तोड़ने वाले विद्यालयों की मान्यता पर भी हो सकती है कार्रवाई। बस्ती में पहले ही दिन दो स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, ₹15 हजार का प्रसमन शुल्क वसूला गया। रिपोर्ट : बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार
शुक्रवार, 3 जुलाई , 2026

 

यूपी में स्कूली वाहनों पर सख्ती: ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ के तहत बिना फिटनेस-परमिट वाले वाहन होंगे सीज, मान्यता पर भी गिरेगी गाज

1 से 15 जुलाई तक चलेगा विशेष अभियान, परिवहन, पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त कार्रवाई; बस्ती में पहले ही दिन दो स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, ₹15 हजार प्रसमन शुल्क वसूला गया।

बस्ती, 2 जुलाई | लाइव भारत समाचार (प्रदेश डेस्क)

उत्तर प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक राज्यव्यापी “मिशन : सेफ फ्यूचर” अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यार्थी सुरक्षित एवं मानक अनुरूप वाहन से ही विद्यालय पहुंचे।

बस्ती जनपद में अभियान की जानकारी देते हुए संभागीय परिवहन अधिकारी फरीउद्दीन ने बताया कि 7 जुलाई तक विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को नोटिस, व्यक्तिगत संपर्क तथा बैठकों के माध्यम से सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज दुरुस्त कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं। इस दौरान परिवहन विभाग द्वारा वाहनों का भौतिक निरीक्षण तथा जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

8 जुलाई से शुरू होगी संयुक्त प्रवर्तन कार्रवाई

सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) माला बाजपेई ने बताया कि 8 जुलाई से 15 जुलाई तक परिवहन विभाग, पुलिस, यातायात पुलिस और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम विशेष अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के विरुद्ध चालान, सीज तथा निरुद्ध करने जैसी कठोर कार्रवाई करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना फिटनेस, बिना परमिट अथवा निजी वाहनों से व्यावसायिक रूप से स्कूली बच्चों का परिवहन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

“बच्चे सुरक्षित तो देश का भविष्य सुरक्षित”

एआरटीओ ने कहा कि विद्यालय संचालकों को एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी जा रही है। इसके बाद बिना फिटनेस वाले स्कूली वाहन सीधे सीज किए जाएंगे। लगातार नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों की सूची जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी, ताकि संबंधित विद्यालयों की मान्यता निरस्त करने जैसी प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सके।

अभिभावकों से भी की गई अपील

परिवहन विभाग ने अभिभावकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों की फिटनेस, वैध परमिट, चालक का लाइसेंस तथा सुरक्षा मानकों की जानकारी अवश्य लें। यदि किसी वाहन में अनियमितता दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल परिवहन विभाग को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

बस्ती में शुरू हुई कार्रवाई

अभियान के तहत 2 जुलाई को बस्ती जनपद में प्रवर्तन अभियान चलाया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करते पाए गए दो स्कूली वाहनों का चालान किया गया। इस कार्रवाई में ₹15,000 का प्रसमन शुल्क वसूला गया। विभाग का कहना है कि आगामी दिनों में जांच और अधिक व्यापक स्तर पर जारी रहेगी।

मुख्य बिंदु

1 से 15 जुलाई तक चलेगा ‘मिशन : सेफ फ्यूचर’ अभियान।

7 जुलाई तक विद्यालयों को दस्तावेज दुरुस्त करने का अवसर।

8 जुलाई से संयुक्त प्रवर्तन अभियान में चालान, सीज और निरुद्ध करने की कार्रवाई।

लगातार नियम तोड़ने वाले विद्यालयों की मान्यता पर भी हो सकती है कार्रवाई।

बस्ती में पहले ही दिन दो स्कूली वाहनों पर कार्रवाई, ₹15 हजार का प्रसमन शुल्क वसूला गया।

रिपोर्ट : बस्ती ब्यूरो | लाइव भारत समाचार

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