रोक के बावजूद संत कबीर नगर में अवैध बालू खनन जारी, किसानों की जमीनें हो रहीं बर्बाद

संत कबीर नगर। जनपद के धनघटा तहसील क्षेत्र में अवैध बालू खनन एक बार फिर बड़ा मुद्दा बन गया है। प्रशासनिक रोक और लगातार शिकायतों के बावजूद सीमा क्षेत्र में बालू का खनन रुकने का नाम नहीं ले रहा है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि तेजी से कटान का शिकार हो रही है, जिससे खेती और आजीविका पर गंभीर संकट पैदा हो गया है।
जानकारी के अनुसार, विवाद मुख्य रूप से संत कबीर नगर और अंबेडकरनगर की सीमा से जुड़े क्षेत्रों में है। किसानों का कहना है कि रात के समय भारी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए बालू का अवैध खनन किया जाता है। इससे खेतों की मेड़ें टूट रही हैं, कृषि भूमि का स्वरूप बदल रहा है और नदी किनारे कटाव भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हो सकी।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध खनन के कारण ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ी मात्रा में कृषि भूमि स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन का कहना है कि अवैध खनन की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूर्व में कई स्थानों पर छापेमारी कर अवैध खनन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन जब्त किए जा चुके हैं तथा दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई भी की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी अवैध खनन के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित बालू खनन केवल कृषि भूमि ही नहीं, बल्कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह, भूजल स्तर और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ऐसे में प्रशासन, खनन विभाग और स्थानीय पुलिस के समन्वित अभियान के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों की नियमित निगरानी आवश्यक है, ताकि अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रिपोर्ट ब्यूरो संतकबीरनगर | लाइव भारत समाचार